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Panchayat Darpan

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झमाझम बारिश के बीच ढोल-नगाड़ों की थाप पर बुढ़मू और आसपास के इलाकों में करमा डाली का विसर्जन, भक्ति और उल्लास में झूमे श्रद्धालु 

रांची: झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और प्रकृति उपासना का महापर्व ‘करमा’ बुढ़मू प्रखंड समेत रांची के ग्रामीण इलाकों में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। बुढ़मू प्रखंड के सभी गांवों में करमा डाली का विसर्जन गाजे-बाजे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। 
मौसम के मिजाज की बात करें तो रांची के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों—विशेषकर बुढ़मू, ठाकुरगांव, बरौदी और बंसरी,भॉंठ बोड़ेया में तेज और झमाझम बारिश दर्ज की गई। मूसलाधार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

 

करमा डाल का हुआ वसर्जन

विसर्जन के दौरान बारिश की फुहारों के बीच पारंपरिक ढोल, नगाड़े और मांदर की गूंज पर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग झूमते नजर आए। बहनों ने पारंपरिक लोकगीत गाते हुए 24 घंटे के निर्जला उपवास के बाद करम डाली को स्थानीय जलाशयों और नदियों में विधि-विधान से विसर्जित किया तथा अपने भाइयों की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना की। 
पूरे प्रखंड क्षेत्र में बारिश और भक्ति के संगम ने उत्सव के माहौल को और भी जीवंत बना दिया। चारों तरफ ‘करम राजा’ के जयकारों के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे को जावा और प्रसाद वितरण कर पर्व की शुभकामनाएं दीं।