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Panchayat Darpan

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चतरा में नहीं दिख रहा नक्सली बंद का असर, सड़कों पर जारी है वाहनों का परिचालन

उग्रवादी संगठन टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझु के एनकाउंटर से गुस्साएं नक्सलियों द्वारा बुलाए गए चतरा बंद का असर जिले में नहीं दिखाई दे रहा है। जिले के चंडवा में सड़कों पर वाहनों का परिचालन सामान्य तरीके से हो रहा है। एनटीपीसी, आम्रपाली, मगध, चट्टी- बारियातु समेत अन्य परियोजनाओं में भारी वाहनों का परिचालन जारी है। हालांकि बंद को देखते हुए पुलिस ने एहतियाती सुरक्षा के इंतजाम किए थे। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।

तीन दिनों का बंद

बता दें कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के सुप्रीमो और 30 लाख के इनामी ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोगता के एनकाउंटर के बाद संगठन ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने इस मुठभेड़ को ‘फर्जी’ करार देते हुए झारखंड के सात जिलों में 24 से 26 सितंबर तक तीन दिवसीय बंद का आह्वान किया है।

प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लगाए गंभीर आरोप

TSPC की जोनल कमेटी की ओर से जोनल कमांडर नथुनी के नाम से जारी एक कथित प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि ब्रजेश गंझू को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में वाराणसी ले जाकर फर्जी मुठभेड़ की पटकथा रची गई। संगठन ने इस पूरी कार्रवाई के लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग उठाई है।
वहीं, ब्रजेश गंझू के परिजनों ने भी मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल खड़े करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।

 

इन 7 जिलों में बंद का ऐलान

संगठन ने विज्ञप्ति के माध्यम से 24 सितंबर से 26 सितंबर तक तीन दिनों के लिए प्रभावित इलाकों में चक्का जाम और प्रतिष्ठान बंद रखने की चेतावनी दी है। बंद का मुख्य असर इन जिलों में रहने की बात कही गई है:
* चतरा
* पलामू
* लातेहार
* गढ़वा
* हजारीबाग
* लोहरदगा
* गुमला

पुलिस और यूपी ATS का रुख

संगठन के दावों के विपरीत पुलिस का कहना है कि यह एक खुफिया इनपुट पर आधारित सुनियोजित ऑपरेशन था। उत्तर प्रदेश ATS के अनुसार, 20 सितंबर को वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में ब्रजेश गंझू की मौजूदगी की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान उग्रवादी की ओर से पुलिस बल पर फायरिंग की गई, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। ब्रजेश गंझू झारखंड और एनआईए (NIA) के स्तर पर लंबे समय से वांछित था और उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

TSPC के तीन दिवसीय बंद के ऐलान के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय और प्रभावित जिलों के प्रशासनिक महकमे सतर्क हो गए हैं। विशेष रूप से कोयलांचल और सुदूर वन क्षेत्रों में कोल ट्रांसपोर्टेशन, रेलवे ट्रैक और मुख्य मार्गों की सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम नागरिकों और संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।