पंकज नंद की रिपोर्ट
प्रकृति पर्व करमा पूजा का उत्साह पूरे राज्य भर में देखा जा रहा है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में करम पूर्व संध्या महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान मांदर की थाप पर लोग नृत्य करते हैं और प्रकृति को संरक्षित करने का प्रण लेते हैं. राजधानी रांची के रातू चट्टी स्थित राजागढ़ मैदान में भी करम पूर्व संध्या समारोह का आयोजन किया. इस दौरान रातू और आस-पास के अखाड़ों के लोग ढोल मांदर के साथ पहुंचे और नृत्य प्रस्तुत किया. मौके पर काफी संख्या में लोग शामिल हुए.
प्रकृति को बचाना है जरूरी
करम पूर्व संध्या में बतौर मुख्य अतिथि रानी माधुरी मंजरी, अजय नाथ शाहदेव, समाजसेवी शशिभूषण भगत उपस्थित हुए. समारोह को संबोधित करते हुए शशिभूषण भगत से करम पर्व के महत्व के बारे में लोगों को बताया और कहा की वर्तमान समय में यह त्योहार काफी मायने रखता है. क्योंकि आज जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है और प्रकृति पर्व करम हमें प्रकृति के करीब लाता है और हम प्रकृति से जुड़ते है और इसे सहेजने का प्रयास करते हैं. उन्होंने लोगों से इस त्योहार को अच्छे से मनाने की अपील की और कहा कि यह त्योहार दुनिया को प्रकृति बचाने का संदेश देता है.
22 सितंबर को है पूजा
बता दें की 22 सितंबर को पूरे राज्य में करम पर्व मनाया जाएगा. इस त्योहार में करम पेड़ के डाली की पूजा की जाती है. राज्य भर में इस दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.