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Panchayat Darpan

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बुढ़मू प्रखंड के गांवों में धूमधाम से मनाई गई करमा पूजा, गीतों पर रात भर झूमते रहे लोग

झारखंड की राजधानी रांची में करमा पर्व धूमधाम से मनाया गया. बढ़मू प्रखंड के कई गांवों में भी करमा पूजा धूमधाम से मनाई गई और इसके गीतों में लोग देर रात तक झूमते रहे. करमा पर्व मुख्य रूप से प्रकृति, अधिक फसल और भाई बहन के अटूट प्रेम के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। इस त्योहार में पूजा के दौरान करम राजा की कहानी बतायी औऱ सुनी जाती है. जिसे लोग सुनना पसंद करते हैं.

करमा पूजा की कहानी

लोग यह भी जानना चाहते हैं करमा की कहानी क्या है, दरअसल झारखंड में पारंपरिक तौर पर मनाए जाने वाले इस त्योहार के पीछे एक महत्वपू्र्ण कथा छिपी हुई है. एक महत्वपूर्ण कहानी है जिसमें दो भाई करम और धरम के बारे में बताया जाता है. करमा और धरमा कुल सात भाई थे, जिसमें सबसे बड़े भाई का नाम करमा था. दूसरे का नाम धरमा था. बाकी भाइयों का नाम धनवा रिया मंगरा भंवरा और लिटा थे

 

इन गांवों में मनाई गई पूजा

कर्म देवता की पूजा, उनके सभी भाई समेत उनके परिवार के लोग करते थे. उनकी कृपा से उनके घर परिवार मैं सुख समृद्धि थी. बाड़े, बुढ़मू, उमेडंडा और चकमें में यह त्योहार पूरे आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.