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Panchayat Darpan

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कर्नाटक में ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ किसानों का भूख हड़ताल, सरकार पर अनदेखी का आरोप

कर्नाटक के बिडादि में किसानों का आंदोलन पिछले पांच दिनों से जारी है। ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (GBIT) परियोजना के खिलाफ किसान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे । इस बीच प्रदर्शन कर रहे 50-60 किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है । परियोजना का विरोध कर रहे सभी किसान बिडादि-हारोहल्ली मार्ग पर बायरामंगला के पास किसान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे।

किसानों का पुलिस पर आरोप

हलांकि जब पुलिस ने 25 सितंबर को किसानों को रास्ता खाली करने के लिए कहा तब किसानों ने इनकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 50-60 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटकर पुलिस वैन में जबरन बिठाया ।

दो वर्षों से विरोध कर रहे किसान

बता दें कि यहां के स्थानीय किसान किसान पिछले लगभग दो वर्षों से प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे हैं। इस बार भूख हड़ताल के दूसरे दिन तीन किसानों की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था । प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इतने दिनों के आंदोलन के बाद भी सरकार का कोई आधिकारिक प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया है । किसानों को हिरासत में लिए जाने से पहले जेडी(एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों का समर्थन किया था ।

 

जमीन अधिग्रहण का मुद्दा

स्थानीय किसानों का कहना है कि इस परियोजना के कारण उनकी अधिक उपजाऊ जमीन छिन जाएगी, जिसके कारण उनकी रोजी-रोजी पर संकट आ जाएगा। बता दें की मार्च 2025 में जारी प्रारंभिक अधिसूचना में 9 गांवों की 7,481 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव था, जिसके बाद 3 गांवों की लगभग 518 एकड़ जमीन के लिए अंतिम अधिसूचना जारी की गई ।

किसानों की प्रमुख मांगें

परियोजना का विरोध कर रहे किसानों की मांग है कि सरकार द्वारा गठित सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस गुहानथन नरेंद्रन की उच्च स्तरीय समिति सीधे प्रभावित ग्राम पंचायतों और गांवों का दौरा करे और किसानों, खेतिहर मजदूरों, बटाईदारों, महिलाओं तथा बुजुर्गों की समस्याएं सुने । साथ ही नाडाकचेरी (ग्राम कार्यालय) में आधार कार्ड और भूमि दस्तावेजों के साथ अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया की शर्त को खत्म या आसान किया जाए ।

सरकार का रुख

इस मामले को लेकर राज्य सरकार का कहना है कि यह टाउनशिप परियोजना सड़कों, मेट्रो कनेक्टिविटी, आवास और पार्कों वाला एक एकीकृत विकास प्रोजेक्ट है। वहीं, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट किया था कि किसी भी किसान से जबरन जमीन नहीं ली जाएगी और केवल स्वेच्छा से जमीन देने वाले किसान ही इस परियोजना का हिस्सा बनेंगे।

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