पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है. इन अनिश्चितताओं के बावजूद यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि चालू खरीफ और आगामी रबी सीजन के लिए देश के पास बीज, उर्वरक और कीटनाशकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. कृषि मंत्रालय की अपर सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने भी इससे संबंधित जानकारी दी है.
पर्याप्त है बीज का भंडार
सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि देश के पास बीज आपूर्ति के लिए सरप्लस स्टॉक है. खरीफ सीजन के लिए 166.46 लाख क्विंटल बीज की जरूरत के मुकाबले 185.74 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं, यानी देश के पास 19.29 लाख क्विंटल का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है. धान, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का और दालों जैसी मुख्य फसलों के बीजों की पर्याप्त उपलब्धता है.इसके अलावा, हाइब्रिड मक्का के बीजों को सुखाने में एलपीजी की जो अस्थायी समस्या आई थी, उसे पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ समन्वय करके हल कर लिया गया है.
नहीं होगी उर्वरक की कमी
खाद की उपलब्धता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि खाद के मामले में भी देश की स्थिति अभी मजबूत है. खरीफ सीजन के लिए अनुमानित 390.52 लाख मीट्रिक टन (LMT) उर्वरक की कुल मांग में से 180 LMT (लगभग 46%) शुरुआती स्टॉक के रूप में उपलब्ध है. यह स्तर पर्याप्त माना जा रहा है क्योंकि शुरुआती स्टॉक सामान्यतः कुल मौसमी मांग का एक-तिहाई होता है.
कीमतें रहेंगी स्थिर
वहीं अगर कीटनाशक की बात करें तो देश में आवश्यकता से अधिक 2.5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कीटनाशक उपलब्ध हैं. इसके साथ ही सरकार ने राज्यों को जैविक कीटनाशकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की सलाह दी है. सब्जियों और खाद्यान्न का जिक्र करते हुए अपर सचिव ने कहा कि टमाटर, प्याज और आलू जैसी आवश्यक सब्जियों सहित प्रमुख कृषि उत्पादों के थोक मूल्य नियंत्रण में हैं और पिछले वर्षों के सामान्य रुझानों के अनुरूप स्थिर बने हुए हैं.