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Panchayat Darpan

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रामगढ़ में ‘प्रोजेक्ट समर्थ’ शुरू, आदिम जनजाति परिवारों तक पहुंचेंगी सरकारी योजनाएं

रामगढ़। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए रामगढ़ जिले से ‘प्रोजेक्ट समर्थ’ की शुरुआत की गई है। हजारीबाग प्रमंडल के आयुक्त विजय कुमार ने मंगलवार को इसकी शुरुआत की। योजना के तहत ऐसे परिवारों को पक्का आवास, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य-पोषण, शिक्षा, बिजली, सड़क, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

34 गांवों में घर-घर हुआ सत्यापन

प्रोजेक्ट समर्थ के तहत जिले के 34 चयनित गांवों में प्रशासनिक टीमों ने घर-घर जाकर परिवारों की स्थिति और उनकी जरूरतों का सत्यापन किया। रामगढ़ प्रखंड की दोहाकातू पंचायत और मांडू क्षेत्र में विशेष शिविर लगाए गए। प्रशासन का कहना है कि सर्वे के दौरान आवास, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आजीविका से जुड़ी समस्याओं को चिन्हित किया गया, ताकि संबंधित सरकारी योजनाओं से पात्र परिवारों को जोड़ा जा सके।

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शिविर में बांटे गए जॉब कार्ड और ट्राइसाइकिल

शिविर में आयुक्त विजय कुमार, विधायक ममता देवी, उपायुक्त ऋतुराज और डीडीसी आशीष अग्रवाल को सम्मानित किया गया। इस दौरान पात्र लाभुकों के बीच जॉब कार्ड, दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और अन्य विकास योजनाओं से जुड़ी परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। विधायक ममता देवी ने कहा कि लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से दूर रहे परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में ऐसी जमीनी पहल उपयोगी साबित हो सकती है।

कागजों तक सीमित न रहें योजनाओं के लाभ

उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट समर्थ’ का उद्देश्य जिले के सबसे पीछे रह गए परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना है। घर-घर सर्वे के माध्यम से उनकी वास्तविक जरूरतों को चिन्हित किया जा रहा है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ केवल कागजों में दर्ज न रहे, बल्कि उसका असर परिवारों के जीवन में दिखाई दे। इसी आधार पर पात्र परिवारों को अलग-अलग योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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