रांचीः राजधानी रांची से 30 किलोमीटर दूर स्थित बुढ़मू प्रखंड के बाड़े, करंजुआ टोली, समेत कई गांवों के लोग आज भी उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने के लिए मजबूर हैं। इन गांवों से ठाकुरगांव को जोड़ने वाली सड़की हालत ऐसी है कि पैदल भी चलना मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और पत्थर निकले हुए हैं। इसके बावजूद इस रास्ते से हर रोज हजारों ग्रामीण चलने को मजबूर हैं।

किसानों को होती है परेशानी
सड़क खराब होने के कारण ग्रामीणों को ठाकुरगांव तक की महज पांच किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए आधे घंटे का समय लग जाता है। किसानों को अपने सब्जियों को बाजार तक ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

डर में रहते हैं चालक
उन्हें हमेशा यह डर सताता है कि कही खराब रास्ते के कारण उनकी दोपहिया वाहन गिर ना या फिर माल डोल कर चल रहे वाहन पलट ना जाएं। खराब सड़क होने के कारण कई बार छोटे-मोटे दुर्घटना का सामना करना पड़ता है।

वाहन होते हैं खराब
खराब सड़क होने के कारण यहां चलने वाले निजी वाहन आए दिन खराब होते रहते हैं। इस रास्ते से हर रोज स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल की बसों को इस रास्ते पर चलने के कारण तकनीकी खराबियों का सामना करना पड़ता है।

आक्रोशित हैं ग्रामीण
क्षेत्र के विधायक भी इसी रास्ते से आते जाते हैं, लेकिन खराब सड़क को बनाने का वायदा के अलावा कुछ नहीं करते हैं। इसके कारण ग्रामीणों में स्थानीय विधायक को लेकर आक्रोश पनप रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं होता है तो वे स्थानीय नेताओं का विरोध करेंगे, साथ ही ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द इस खराब सड़क को बनवाने की अपील की है।