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ICAR-NISA रांची के छात्रों का राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन, 83% से अधिक स्टूडेंट्स को मिला टॉप पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश

रांची: नामकुम स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र -राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि संस्थान (ICAR-NISA) ने स्नातकोत्तर शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट क्षमता का प्रदर्शन किया है। ग्रेजुएशन में संस्थान से इस वर्ष अपनी डिग्री पूरी करने वाले छह छात्रों में से पांच छात्रों ने देश के प्रतिष्ठित डॉक्टरल (पीएच.डी.) कार्यक्रमों में नामांकन लेने में सफलता हासिल की है। जो 83 प्रतिशत से अधिक की सफलता दर को दर्शाता है। इस तरह से अपने सीमित आकार और संसाधनों के बावजूद संस्थान के लिए यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

AICE-2026 में बेहतरीन प्रदर्शन

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा आयोजित 31वीं अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा (AICE-2026) में ‘एग्रीकल्चरल केमिकल्स’ विषय के चार में से तीन एम.एससी. (M.Sc.) छात्रों ने देश के शीर्ष 11 रैंक में स्थान प्राप्त किया है। इसमें ऐशिक साधुखां ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6 हासिल किया है, वहीं, देबार्घ्य दे ने AIR 7 तथा बी. नरेश ने AIR 11 हासिल किया है। इन तीनों छात्रों का चयन भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के एग्रीकल्चरल केमिकल्स पीएच.डी. कार्यक्रम में हुआ है। इसके अलावा, ‘प्रोसेसिंग एंड फूड इंजीनियरिंग’ के एम.टेक. (M.Tech.) बैच के दोनों छात्रों ने भी डॉक्टरल कार्यक्रमों के लिए सफलता हासिल की है। इनमें सतीश कुमार गहरवारिया ने AICE-2026 में AIR 7 हासिल कर IARI-भोपाल हब के अंतर्गत आईसीआएर-केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (CIAE), भोपाल में प्रवेश प्राप्त किया है, जबकि फहमिदा को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), राउरकेला में पीएच.डी. कार्यक्रम में प्रवेश मिला है।

सीमित संसाधनों में भी उच्च स्तरीय मार्गदर्शन

ICAR-NISA, ICAR-IARI मेगा यूनिवर्सिटी (रांची हब) का एक भागीदार संस्थान है, जिसके लिए आईसीएआर-भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (IIAB), रांची मुख्य (लीड) संस्थान के रूप में कार्य करता है। संस्थान पिछले चार वर्षों से एग्रीकल्चरल केमिकल्स तथा प्रोसेसिंग एंड फूड इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित कर रहा है। कम संकाय सदस्यों और सीमित बुनियादी ढांचे के बावजूद यहां के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पिछले वर्ष भी इन दो विषयों के चार छात्र टॉपर रहे थे। छोटे बैच आकार के कारण प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिलता है, जहां संस्थान के वैज्ञानिक ही शिक्षकों, सलाहकारों और अनुसंधान मार्गदर्शकों के रूप में कार्य करते हैं । छात्र द्वितीयक कृषि की व्यावहारिक समस्याओं, जैसे कृषि उत्पादों, अवशेषों और प्राकृतिक संसाधनों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन पर अपना शोध करते हैं।

निदेशक का वक्तव्य एवं राज्य के लिए गौरव

आईसीआर- NISA रांची के निदेशक डॉ. अभिजीत कर ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके कठोर परिश्रम तथा शैक्षणिक प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन परिणामों से यह सिद्ध होता है कि शैक्षणिक उत्कृष्टता संस्थान के आकार पर नहीं, बल्कि मार्गदर्शन की गुणवत्ता और शिक्षकों व छात्रों के समर्पण पर निर्भर करती है। यह सफलता IARI-रांची हब तथा झारखंड राज्य के लिए अत्यंत गर्व का विषय है, जो यह दर्शाती है कि निरंतर और समर्पित प्रयासों से राज्य के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक मानव संसाधन तैयार किए जा सकते हैं।

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