क्षेत्र के कई किसानों ने पारंपरिक सिंचाई की जगह ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाकर खेती में बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। इस तकनीक से फसलों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में पानी पहुंचता है, जिससे पानी की बर्बादी कम होती है और उत्पादन में भी वृद्धि देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव होने से लागत घट रही है और फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है। कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं ताकि जल संरक्षण के साथ खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।