ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने वाली दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के तहत अब तक करीब 18.45 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इनमें से करीब 12.35 लाख अभ्यर्थियों को रोजगार मिला है। यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत ग्रामीण युवाओं की आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है।
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उद्योग की जरूरत के अनुसार बदला प्रशिक्षण ढांचा
वित्त वर्ष 2025-26 से डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के संशोधित दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। इसमें उद्योग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण, रोजगार मिलने के बाद सहायता, कौशल उन्नयन और पुनर्कौशलन पर जोर दिया गया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल रखरखाव, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, देखभाल आधारित अर्थव्यवस्था, खुदरा, आतिथ्य तथा मीडिया और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों को भी प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जा रही है। परिधान, ऑटोमोटिव, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी-आईटीईएस, कृषि और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जाता है।

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छह महीने के रोजगार पर जोर, एक साल तक निगरानी
योजना में प्रशिक्षण के साथ रोजगार की स्थिरता पर भी ध्यान दिया गया है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत न्यूनतम 70 प्रतिशत प्लेसमेंट का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम 20 प्रतिशत तक स्वरोजगार या गिग रोजगार शामिल हो सकता है। रोजगार मिलने के बाद एक वर्ष तक अभ्यर्थियों की निगरानी और सहायता, परामर्श, प्रवासन सहायता, शिकायत निवारण और आगे कौशल बढ़ाने के अवसर दिए जाने हैं। उद्योग साझेदारी, रोजगार मेले, कैंपस प्लेसमेंट और नियोक्ताओं के साथ समझौते के जरिए प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाती है।
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2026-27 में 750 करोड़ का बजट, मध्य प्रदेश को भी मिला आवंटन
वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 1.37 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए 750 करोड़ का बजट अनुमान रखा गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 361.96 करोड़ की मूल स्वीकृति जारी की गई है, जिसमें से अब तक 50.89 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश में योजना का संचालन मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हो रहा है। राज्य में अब तक करीब 93 हजार युवाओं को प्रशिक्षित और करीब 56 हजार को रोजगार दिया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश को 10 करोड़ की मूल स्वीकृति मिली है। ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में ग्वालियर जिले के 1,909 और शिवपुरी जिले के 944 अभ्यर्थी प्रशिक्षित हुए हैं, जबकि क्रमशः 701 और 579 अभ्यर्थियों को रोजगार मिला है। यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने 11 अगस्त 2026 को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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