रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नोटिस जारी करने और दावा-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के बीच 24 अगस्त से सुनवाई शुरू होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई पात्र भारतीय नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे और किसी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम सूची में शामिल न हो।
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24 अगस्त से नो-मैपिंग मामलों की सुनवाई
के. रवि कुमार के अनुसार 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य श्रेणियों से जुड़े मामलों की सुनवाई निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) स्तर पर होगी। संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से नोटिस पहुंचाया जाएगा। नोटिस मिलने का मतलब नाम तत्काल हटना नहीं है, बल्कि संबंधित मतदाता को अपने पक्ष में जरूरी दस्तावेज देने का अवसर मिलेगा।
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दस्तावेज देने के लिए दो चरणों में समय
नोटिस मिलने के बाद पहले चरण में दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा। इस अवधि में दस्तावेज नहीं देने पर BLO दोबारा संपर्क करेंगे और फिर सात दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। यानी जरूरत पड़ने पर मतदाता को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कुल 14 दिन तक का अवसर मिल सकता है। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेज और रिकॉर्ड के आधार पर मामले की विधिसम्मत जांच की जाएगी।
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15 सितंबर तक दावा-आपत्ति, 14 अक्टूबर तक निस्तारण
दावा-आपत्ति की अवधि 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक रखी गई है। इस दौरान नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मौजूदा विवरण में सुधार और अन्य दावों-आपत्तियों पर कार्रवाई होगी। प्राप्त मामलों का निस्तारण संबंधित ERO द्वारा 14 अक्टूबर तक किया जा सकेगा। दूसरे राज्य की मतदाता सूची में दर्ज ऐसे लोग जो झारखंड में अपना नाम स्थानांतरित कराना चाहते हैं, उनसे Form-8 और घोषणा पत्र लिया जा रहा है। एक परिवार के सदस्यों को यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की सूची में रखने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
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विदेशी नागरिकों के नाम पर भी आपत्ति का प्रावधान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता सूची में पंजीकृत हो सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने की जानकारी मिलती है, तो Form-7 के जरिए आपत्ति दर्ज की जा सकती है। ऐसे मामलों में ERO और AERO संबंधित दस्तावेजों की जांच करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकता हासिल किए बिना किसी विदेशी नागरिक का मतदाता सूची में पंजीकरण कराने के लिए आवेदन करना दंडनीय अपराध है। एसआईआर से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए मतदाता 1950 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
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