किसानों को यूरिया और डीएपी खरीदने के लिए लैंपस और पैक्स के बाहर लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है. लाइन में लगी किसानों की तस्वीरें कई बार सामने आती हैं. इससे किसानों के समय की बर्बादी होती है और लाइन में खड़े होकर परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. पर किसानों को अब इस समस्या से निजात मिलने वाली है. क्योंकि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों की सुविधा के लिए ‘Framework for Fertilizer Sale’ (FFS) नामक एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है. इस ऐप का मुख्य उद्देश्य उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता लाना और किसानों को बिना किसी परेशानी के यूरिया और डीएपी (DAP) जैसी आवश्यक खाद उपलब्ध कराना है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश के रामपुर व सीतापुर जिलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है. इसके साथ ही वर्तमान में उत्तर प्रदेश के रामपुर व सीतापुर जिलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है.
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कैसे काम करता है ऐप
यह ऐप पूरी तरह डिजिटल है और इसे चलाना भी किसानों के लिए बेहद आसान है. इसे चलाने के लिए सबसे पहले किसानों को इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद इस पर लॉग-इन करना पड़ता है.किसान ऐप पर अपनी फार्मर आईडी या आधार नंबर के जरिए लॉगिन कर सकते हैं. जिसके बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) आता है. लॉगिन के बाद किसानों को अपनी जमीन और बोई जा रही फसल का विवरण चुनना होता है. इस ऐप का फायदा यह है कि किसान इस ऐप के जरिए चार से 10 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध अधिकृत खाद विक्रेता और उसके पास मौजूद रियल टाइम सटॉक की जानकारी देख सकते हैं. फिर किसान अपनी सुविधा के अनुसार दुकान और उर्वरक का चयन कर सकते हैं. बुकिंग पूरी होते ही ऐप पर एक डिजिटल QR कोड और टोकन जेनरेट हो जाता है. दुकान पर जाकर इस QR कोड को POS मशीन से स्कैन करवाकर किसान अपनी खाद प्राप्त कर सकते हैं.
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किसानों को मिलने वाला लाभ
इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को धूप और बारिश में लंबी कतारों में खड़ा होने के मुक्ति मिलेगी. इसके साथ ही उन्हें यूरिया और डीएपी की खोज में एक दुकान से दूसरे दुकान में भटकना नहीं पड़ेगा. रीयल-टाइम स्टॉक दिखने और डिजिटल टोकन पर मूल कीमत अंकित होने से विक्रेता किसानों से अधिक पैसे नहीं वसूल पाएंगे. साथ ही इससे खाद की कालाबाजारी भी नहीं हो सकेगी. खाद दुकानदार किसानों पर जबरन अन्य कृषि उत्पाद जैसे केमिकल औऱ दवाईयां खरीदने का दबाव नहीं बना पाएंगे.
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कैसे करें डाउनलोड
किसान अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर से ‘Framework for Fertilizer Sale’ (FFS) ऐप डाउनलोड कर सकते हैं. यदि आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो प्ले स्टोर से ‘Aadhaar Face RD’ ऐप डाउनलोड कर चेहरे के सत्यापन (Face Authentication) से भी लॉगिन किया जा सकता है. इसके अलावा जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे ई-मित्र या जन सुविधा केंद्र पर जाकर भी टोकन बुक करा सकते हैं. ध्यान रहे कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद जेनरेट हुआ टोकन केवल 2 दिन (48 घंटे) के लिए वैध रहता है. । यदि किसान इस अवधि में खाद नहीं उठाता, तो बुकिंग अपने आप रद्द हो जाएगी और स्टॉक वापस सिस्टम में चला जाएगा.
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कितना यूरिया और डीएपी खरीद सकते हैं किसान
FFS ऐप के नए नियमों के अनुसार, खाद की जमाखोरी रोकने के लिए एक सीजन में प्रति एकड़ भूमि के हिसाब से एक किसान को अधिकतम 2 बैग यूरिया (100 किलोग्राम) और 1 बैग डीएपी (50 किलोग्राम) बुक करने की अनुमति दी गई है. हालांकि कुछ क्षेत्रों में (जैसे राजस्थान) में स्थानीय मांग और उपलब्धता के आधार पर प्रति किसान अधिकतम 10 बैग या उससे कम उर्वरक देने की सीमा तय की गई है, ताकि कमी के समय भी सभी किसानों को न्यायसंगत तरीके से खाद मिल सके.
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