रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कुल 53 प्रस्ताव स्वीकृत हुए। इनमें 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में छात्रों को राहत देने, थानों में सीसीटीवी लगाने और मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं।
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100 नए उत्कृष्ट विद्यालयों पर खर्च होंगे 721 करोड़
राज्य में पहले से संचालित 80 उत्कृष्ट विद्यालयों के बाद अब 100 और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। इन स्कूलों में सीबीएसई से संबद्धता और अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के साथ निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इस योजना पर 721.43 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा पांच नवसृजित प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय बनाने के लिए 49.99 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

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गुरुजी क्रेडिट कार्ड में छात्रों को मिली राहत
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव कर एडमिशन के समय जमा की गई प्रथम सेमेस्टर या प्रथम वर्ष की फीस की एकमुश्त प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। साथ ही 15 लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण पर 5% मार्जिन मनी खत्म कर दी गई है। अब तक इस योजना के तहत 3,434 विद्यार्थियों को 291 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ है, जिसमें 65 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। नालंदा यूनिवर्सिटी, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी और भारत सरकार के अधिसूचित केंद्रीय विश्वविद्यालयों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
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अनुसंधान और ग्रामीण नवाचार पर 1,834 करोड़
राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर पर अनुसंधान, नवाचार और प्री-इन्क्यूबेशन को बढ़ावा देने के लिए झारखंड छात्र अनुसंधान एवं नवाचार नीति को मंजूरी दी गई। 2026-31 के दौरान इस पर 1,834.83 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 300 से अधिक संस्थानों में इंस्टीट्यूशन रिसर्च एंड इनोवेशन सेल और स्टेट इनोवेशन पार्क स्थापित किए जाएंगे। वहीं, ग्रास रूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप को सभी 4,345 पंचायतों तक विस्तार दिया जाएगा। हर साल 10 हजार स्नातक छात्रों को आठ सप्ताह की इंटर्नशिप मिलेगी और स्टाइपेंड बढ़ाकर 12 हजार रुपए कर दिया गया है।

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606 थानों में लगेंगे 9,006 कैमरे, मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सीटें
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए राज्य के 606 थानों में 9,006 सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इस पर 90 करोड़ रुपए खर्च होंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में गैर-शैक्षणिक संवर्ग के चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 से घटाकर 65 वर्ष कर दी गई है। वहीं, सत्र 2026-27 से 2029-30 के दौरान एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए क्रमशः 393 करोड़ और 495 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा तोपचांची झील के पीपीपी मॉडल पर विकास और राज्य में अन्य प्रशासनिक योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
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