बुढ़मू (रांची): बुढ़मू अंचल कार्यालय में जमीन से जुड़े मामलों, विशेषकर ऑनलाइन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और राजस्व कार्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है। म्यूटेशन आवेदनों के निष्पादन में पारदर्शिता लाने और गैर-जरूरी देरी को रोकने के उद्देश्य से वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर लंबित फाइलों की समीक्षा की जा रही है।
बिचौलियों की लेकर मिल रही थी शिकायत
लंबे समय से क्षेत्र के ग्रामीणों और रैयतों द्वारा दाखिल-खारिज में अनावश्यक आपत्तियों, बेवजह मामले लंबित रखने और बिचौलियों की सक्रियता को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। पूर्व में हुई सतर्कता कार्रवाइयों के बाद से ही कार्यालय की कार्यप्रणाली चर्चा में बनी हुई थी। इसी क्रम में अब बिना ठोस कारण म्यूटेशन रद्द करने या समय सीमा पार कर चुके आवेदनों पर अंचलाधिकारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण व जवाबदेही तय की जा रही है।
कर्मचारियों को दिया गया निर्देश
अंचल प्रशासन ने सभी राजस्व उप-निरीक्षकों (सीआई) और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी वैध आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बिना साक्ष्य या स्पष्ट दस्तावेज के आवेदनों को अस्वीकार न करने और किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी पर सख्त रुख अपनाने की चेतावनी दी गई है। प्रशासनिक सख्ती बढ़ने से कार्यालय में बिचौलिया संस्कृति पर अंकुश लगने और आम रैयतों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।