कोडरमा के मरकच्चो थाना क्षेत्र के बेलडीह गांव में शनिवार को बालू उठाव को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर विवाद हुआ। नदी से बालू उठाव का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर बालू लदे ट्रैक्टरों को पकड़ने के बाद छोड़ देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना है कि बेलडीह नदी से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों से बालू का उठाव किया जाता है। शनिवार को भी कई ट्रैक्टर बालू लोड कर गांव के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान मरकच्चो थाना की पुलिस वहां पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस ने बालू लदे तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा और गांव से बाहर ले गई। आरोप है कि कुछ दूरी पर ले जाकर तीनों ट्रैक्टरों से बालू खाली करा दिया गया और उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया और उन्होंने पुलिस वाहन को गांव में ही घेर लिया।

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ग्रामीणों का सवाल- कार्रवाई हुई तो वाहन छोड़े क्यों गए?
पुलिस वाहन को घेरते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों से ट्रैक्टरों को छोड़े जाने को लेकर सवाल-जवाब किया। उनका कहना था कि यदि बालू का उठाव अवैध था तो कार्रवाई के लिए पकड़े गए ट्रैक्टरों को छोड़ने का कारण क्या है। देखते ही देखते ग्रामीणों की संख्या बढ़ती गई। पुलिस वाहन और उसमें सवार जवानों को करीब एक घंटे से अधिक समय तक गांव में ही घेरे रखा गया। सूचना मिलने पर मरकच्चो अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी बमबम कुमार गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और वाहन को ग्रामीणों के घेरे से बाहर निकाला जा सका। घटना के बाद गांव में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
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थाना प्रभारी बोले- पुलिस को देखकर भागे तीनों ट्रैक्टर
मरकच्चो थाना प्रभारी बमबम कुमार ने बताया कि शनिवार को बेलडीह गांव के एक व्यक्ति का अवैध रूप से बालू ढुलाई कर रहा ट्रैक्टर जब्त कर थाना लाया गया था। इसके बाद पुलिस दोबारा गांव से सटे नदी के पास पहुंची तो वहां पहले से बालू लोड करने पहुंचे तीन ट्रैक्टर पुलिस को देखते ही भाग निकले। थाना प्रभारी के अनुसार, उक्त तीनों ट्रैक्टरों को पुलिस ने नहीं पकड़ा और न ही छोड़ा है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि तीनों ट्रैक्टरों को पुलिस ने पकड़ने के बाद छोड़ दिया। इसी वजह से उन्होंने सुबह जब्त किए गए गांव के ट्रैक्टर को भी छोड़ने की मांग की। इधर, सूत्रों के अनुसार कुछ बालू कारोबारियों द्वारा ग्रामीणों को उकसाकर हंगामा कराया गया, ताकि बालू लदे वाहनों पर पुलिस कार्रवाई न कर सके। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में ग्रामीणों के आरोप और पुलिस के बयान अलग-अलग हैं, जिससे कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।