रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश के मदनापल्ले में रायालासीमा ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और ‘इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर’ (ISA) के शिलान्यास समारोह के दौरान राज्य के कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए एक व्यापक विजन पेश किया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण और राज्य मंत्री नारा लोकेश भी उपस्थित रहे। अनंत अंबानी ने स्पष्ट किया कि कृषि को एक आकर्षक और सम्मानजनक पेशा बनाने के लिए तकनीक, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता का समावेश आवश्यक है।
कितने पैसे होंगे खर्च?
रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश में दो प्रमुख पहलों के माध्यम से विशाल निवेश करने जा रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज राज्य में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का अलग से निवेश करेगी। इस प्रोजेक्ट से आने वाले दशकों में राज्य में 3 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा होंगे और करीब ₹60,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा । रायालासीमा ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब प्रोजेक्ट के लिए 40,000 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया जाएगा। जबकि पूरे हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट के तहत 10 जिलों के 201 क्लस्टरों और 303 मंडलों में चरणबद्ध तरीके से कुल 1 लाख करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश किया जाएगा।
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किसानों को मिलने वाला लाभ
रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा स्थापित और संचालित किया जाने वाला ‘इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर’ (ISA) ग्रामीण भारत के युवाओं को कृषि से जोड़ने और किसानों को सशक्त बनाने का काम करेगा। रिलायंस जियो इस स्कूल के साथ मिलकर भारतीय भाषाओं में इंटरेक्टिव वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से सीधे गांवों तक प्रशिक्षण मॉड्यूल पहुंचाएगा। शिक्षित ग्रामीण युवाओं को डिजिटली सक्षम एक्सटेंशन वर्कर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जो खेतों में किसानों को आधुनिक तकनीकों को लागू करने में मदद करेंगे। किसानों को बाजार और तकनीकी सहायता देने के लिए ‘जियो कृषि’ (Jio Krishi) प्लेटफॉर्म का लाभ प्रदान किया जाएगा ।

आधुनिक तकनीक से कृषि क्षेत्र को होने वाले फायदे
अनंत अंबानी ने कहा कि ISA में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का संगम भारत के मेहनती किसानों की पारंपरिक बुद्धिमत्ता से होगा”। इससे भारतीय किसानों को कृषि को लाभ होगा। एआई के इस्तेमाल से कीटों के हमले से पहले ही किसानों को इसकी चेतावनी मिल जाएगी जिससे वो पहले से ही सुरक्षात्मक उपाय कर सकेंगे। ड्रोन की मदद से फसलों के स्वास्थ्य का आकलन किया जाएगा तथा सटीक मात्रा में जल व पोषक तत्व दिए जाएंगे। वहीं रोबोटिक्स से शारीरिक श्रम घटेगा और फसल का नुकसान कम होगा। तकनीक की मदद से किसानों को फसल सही समय और उचित बाजार में बेचने की जानकारी मिलेगी। साथ ही क्लाउड-आधारित सलाह से ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के लक्ष्य को गति मिलेगी।
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पशुपालन को होने वाले फायदे
अनंत अंबानी ने खुद को “पशु सेवक” बताते हुए कहा कि “पशु सेवा भी प्रभु सेवा है”। उन्होंने कहा कि योजना के तहत तकनीक-संचालित पशुपालन और पशु कल्याण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर का समन्वय जामनगर स्थित ‘वंतारा’ (Vantara) के प्रस्तावित वैश्विक वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ स्थापित किया जाएगा। कृषि अवशेषों और पशुओं के गोबर का उपयोग CBG प्लांट में बायो-मीथेन ऊर्जा और पोषक तत्वों से भरपूर जैविक खाद (Bio-manure) बनाने में होगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होगी ।