बगहा। बगहा अनुमंडल के बगहा-2 प्रखंड की पंचायतों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से लगाए गए जिम उपकरण अब सवालों के घेरे में हैं। पंचायत समिति की ओर से कराए गए विकास कार्यों के तहत खरीदे और लगाए गए इन उपकरणों की कई जगह स्थिति खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ स्थानों पर उपकरण जर्जर होकर पड़े हैं और उनका उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में योजना के उद्देश्य और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
योजना और खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग
ग्रामीणों के अनुसार, यदि जिम उपकरण सरकारी योजना के तहत खरीदे और लगाए गए हैं तो संबंधित स्थल पर योजना का नाम, स्वीकृत राशि, कार्यान्वयन एजेंसी और खर्च का विवरण दर्शाने वाला सूचना-पट्ट होना चाहिए। लेकिन कई जगह ऐसा कोई स्पष्ट बोर्ड नजर नहीं आ रहा है। बगहा-2 प्रखंड में कुल 25 पंचायतें हैं। ग्रामीण जानना चाहते हैं कि कितनी पंचायतों में उपकरण लगाए गए, प्रत्येक पंचायत में कितनी राशि खर्च हुई और पूरे प्रखंड में इस मद में कितना भुगतान किया गया। खरीद का वित्तीय वर्ष और आपूर्तिकर्ता की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है।

उपकरणों की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल उपकरणों की गुणवत्ता और उपयोगिता को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खरीद के कुछ समय बाद ही उपकरण जर्जर हो गए, तो उनकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी। क्या खरीद से पहले उपकरणों के मानक तय किए गए थे और आपूर्ति के समय अधिकारियों या तकनीकी कर्मियों ने उनका भौतिक सत्यापन किया था? ग्रामीणों का कहना है कि सत्यापन हुआ है तो उसकी रिपोर्ट भी सामने आनी चाहिए। इसी के साथ यह जांच भी जरूरी है कि उपकरण निर्धारित दर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप खरीदे गए थे या नहीं।
आरटीआई से मांगी जानकारी, जांच की मांग
मामले को लेकर विधायक प्रतिनिधि शत्रुघ्न पटेल ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित विभाग से योजना और खर्च का विस्तृत ब्योरा मांगा है। आरटीआई में योजना की स्वीकृति, राशि, खरीद, भुगतान और कार्यान्वयन से जुड़ी जानकारी मांगे जाने की बात कही गई है। आरोप है कि विभाग की ओर से अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्रामीणों ने बगहा-2 की सभी 25 पंचायतों में लगाए गए उपकरणों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रत्येक पंचायत में स्वीकृति, प्राक्कलन, भुगतान, खरीद एजेंसी, आपूर्ति बिल, गुणवत्ता जांच और वर्तमान उपयोगिता की जांच होनी चाहिए। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी राशि से लगाए गए उपकरण वास्तव में ग्रामीणों के काम आ रहे हैं या नहीं।
इसे भी पढ़ें: गांव में इलाज के दौरान 43 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
2 thoughts on “बिहार के 25 पंचायतों में जिम उपकरणों की स्थिति पर सवाल, आरटीआई से मांगा गया ब्योरा”
Comments are closed.