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Panchayat Darpan

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गांव में इलाज के दौरान 43 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

पूर्वी सिंहभूम। बहरागोड़ा प्रखंड के मौदा गांव में इलाज के दौरान 43 वर्षीय उत्तम कुमार सिंह की मौत हो गई। वह पिछले कुछ दिनों से बुखार और दस्त से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने गांव में इलाज करने वाले एक डॉक्टर को घर बुलाया था। इलाज के दौरान हालत बिगड़ने के बाद उन्हें बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत पाया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को उत्तम की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई थी। इसके बाद गांव में इलाज करने वाले डॉक्टर को घर बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उत्तम ने शरीर में तेज जलन होने की शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन लगाए। कुछ देर बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और वह बेहोश हो गए।

मृतक के भाई रविकांत
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत

उत्तम की हालत बिगड़ने पर परिजन और ग्रामीण उन्हें निजी वाहन से बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। सीएचसी प्रभारी डॉ. उत्पल मुर्मू ने बताया कि उत्तम कुमार सिंह को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत अवस्था में लाया गया था। उन्होंने कहा कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने पर बहरागोड़ा थाना पुलिस सीएचसी पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। शनिवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के रिश्तेदार रविकांत सिंह ने बताया कि उत्तम के दो बच्चे हैं। परिजनों ने गांव में इलाज करने वाले कथित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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