छतरपुर। पलामू जिले के छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नन्हा सा दिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व में स्क्रीनिंग में हृदय रोग के संदिग्ध पाए गए 88 बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इको परीक्षण किया। जांच के बाद बच्चों की स्थिति के अनुसार आगे के उपचार की सलाह दी गई।
19 बच्चों को सर्जरी के लिए किया गया चिन्हित
इको जांच में 19 बच्चों को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया, जबकि 10 बच्चों के लिए कैथ डिवाइस क्लोजर की सलाह दी गई। दो बच्चों को उच्च संस्थान रेफर करने की जरूरत बताई गई। दो बच्चे जांच के दौरान सहयोग नहीं कर सके। वहीं 45 बच्चों की रिपोर्ट सामान्य पाई गई। सात बच्चों को फॉलोअप और एक बच्चे को पोस्ट ऑपरेटिव फॉलोअप की सलाह दी गई। एक मरीज को मेडिकल मैनेजमेंट तथा एक को एएसओटी समीक्षा के लिए पाया गया।
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समय पर पहचान और उपचार है कार्यक्रम का उद्देश्य
कार्यक्रम की शुरुआत अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. मंसूर अली, डॉ. असादुल्लाह फैज, अमित कुमार सिंह और गौरव कुमार ने संयुक्त रूप से की। डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि नन्हा सा दिल कार्यक्रम का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान करना और उन्हें निशुल्क व समुचित उपचार उपलब्ध कराना है। समय पर जांच और उपचार मिलने से बच्चों को स्वस्थ जीवन देने में मदद मिलेगी।
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स्वास्थ्यकर्मियों और सहयोगी टीम का जताया आभार
डॉ. अग्रवाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए सत्य साईं ट्रस्ट की टीम के साथ स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पताल के कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम के तहत की गई जांच से उन बच्चों की पहचान में मदद मिली, जिन्हें आगे सर्जरी, कैथ डिवाइस क्लोजर या विशेषज्ञ संस्थान में उपचार की जरूरत है। वहीं सामान्य पाए गए बच्चों के परिजनों को भी राहत मिली।
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