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Panchayat Darpan

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गुमला के 12 प्रखंडों में 14.40 लाख फसलों के सर्वे का लक्ष्य, अब तक 4.47 लाख सर्वे पूरे

गुमला जिले में फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाने की तैयारी है। जिले के 12 प्रखंडों में कुल 14,40,040 फसलों के सर्वे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 4,47,649 फसलों का सर्वे पूरा हो चुका है। इनमें से 1,63,817 सर्वे को स्वीकृति मिली है। निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले जिले में करीब 31.09 प्रतिशत सर्वे पूरा हुआ है। कृषि विभाग अब सर्वे और स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दे रहा है। तकनीकी विशेषज्ञ अजीत कुमार के अनुसार, अगले चार दिनों में दोनों कार्यों को गति दी जाएगी। इससे जिले में फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

गुमला में सबसे ज्यादा सर्वे, कामडारा स्वीकृति में आगे

प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, गुमला प्रखंड में 1,72,168 के लक्ष्य के विरुद्ध 64,335 फसलों का सर्वे पूरा हुआ है। यह जिले के सभी प्रखंडों में सबसे अधिक है। यहां 16,475 सर्वे को स्वीकृति मिली है। वहीं, कामडारा में 1,52,659 के लक्ष्य के विरुद्ध 62,569 सर्वे पूरे किए गए हैं। यहां 29,552 सर्वे स्वीकृत हुए हैं, जो जिले में सर्वाधिक हैं। अन्य प्रखंडों में भरनो में 45,790, पालकोट में 45,396, रायडीह में 45,928, बसिया में 34,665, सिसई में 39,163, घाघरा में 31,942, डुमरी में 24,901 और चैनपुर में 19,887 फसलों का सर्वे हुआ है। बिशुनपुर में 14,054 और जारी में 19,019 सर्वे पूरे किए गए हैं। स्वीकृति के मामले में पालकोट में 23,804, घाघरा में 18,186, गुमला में 16,475 और बसिया में 13,407 सर्वे को मंजूरी मिली है।

 

खेतों में जाकर मोबाइल से दर्ज होगी जानकारी

डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत सर्वे कर्मी खेतों में पहुंचकर मोबाइल आधारित डिजिटल प्रणाली से जानकारी दर्ज करेंगे। इसमें खेत का स्थान, फसल का प्रकार और खेती से जुड़े जरूरी विवरण शामिल होंगे। इससे कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, खेत में वास्तव में कौन सी फसल लगी है, इसका डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। इस रिकॉर्ड से जिले में फसलवार खेती के क्षेत्र की वास्तविक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। कृषि विभाग को अलग-अलग क्षेत्रों में बोई गई फसलों का विवरण मिलने से योजनाओं की जरूरत के अनुसार तैयारी करने में सुविधा होगी।

बीमा दावों और कृषि योजनाओं में मिलेगी मदद

डिजिटल रिकॉर्ड से फसल क्षति की स्थिति में बीमा दावों के सत्यापन में मदद मिल सकती है। फसल सत्यापन की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी होगी। कृषि ऋण और किसान हित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी यह रिकॉर्ड उपयोगी साबित हो सकता है। आत्मा गुमला के तकनीकी विशेषज्ञ अजीत कुमार ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से जिले में फसलों का वास्तविक और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे फसल क्षेत्र की सही जानकारी मिलेगी। बीमा दावा निपटाने और कृषि योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में भी सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि अगले चार दिनों में सर्वे और स्वीकृति के कार्य में तेजी लाई जाएगी।