गांव की पंचायत से जुड़ी जरूरी जानकारी अब पंचायत कार्यालय तक सीमित रखने के बजाय मोबाइल पर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। पंचायती राज मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की ओर से विकसित ‘मेरी पंचायत’ ऐप के जरिए ग्रामीण पंचायत का बजट, प्राप्त धनराशि, भुगतान, विकास योजनाएं, ग्राम सभा के एजेंडे और फैसले समेत कई जानकारियां देख सकते हैं। ऐप का उद्देश्य ग्रामीणों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी पंचायत की गतिविधियों से सीधे जोड़ना भी है।
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पंचायत के बजट से खर्च तक दिखेगा हिसाब
गांव में सड़क, नाली, पानी या सामुदायिक भवन का काम चल रहा हो और ग्रामीण यह जानना चाहें कि योजना के लिए कितनी राशि मिली है या पंचायत स्तर पर क्या भुगतान दर्ज हुआ है, तो उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड से इसकी जानकारी ली जा सकती है। ऐप पंचायत के वित्तीय लेन-देन और विकास योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने का माध्यम है। वहीं eGramSwaraj पंचायतों की योजना, लेखांकन, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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ग्राम सभा में क्या तय हुआ, यह भी जान सकेंगे
‘मेरी पंचायत’ ऐप की उपयोगिता बजट तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), विकास कार्यों और ग्राम सभा के एजेंडे व फैसलों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा सकती है। उदाहरण के तौर पर यदि ग्राम सभा में किसी टोले में नाली निर्माण या पेयजल योजना को मंजूरी दी गई है, तो ग्रामीण डिजिटल माध्यम से उस निर्णय की जानकारी ले सकते हैं। इससे पंचायत की बैठकों में शामिल नहीं हो पाने वाले लोगों के लिए भी स्थानीय फैसलों को समझना आसान हो सकता है।
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प्रतिनिधि, सुविधाएं और मौसम की जानकारी भी
ऐप में संबंधित ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों और स्थानीय पदाधिकारियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र की सार्वजनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से संबंधित जानकारी भी देखी जा सकती है। ग्रामीणों के लिए मौसम संबंधी जानकारी भी उपयोगी हो सकती है। पंचायत स्तर पर तापमान, वर्षा, हवा की गति, बादलों की स्थिति और आर्द्रता जैसी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की गई है। इसके लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सहयोग का उल्लेख किया गया है।
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ऐप इंस्टॉल करना आसान, लेकिन APK में सावधानी जरूरी
‘मेरी पंचायत’ ऐप को मोबाइल में इंस्टॉल करने से पहले नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐप आधिकारिक स्रोत से ही लिया जा रहा है। किसी अनजान वेबसाइट, सोशल मीडिया पोस्ट या संदिग्ध लिंक से APK डाउनलोड नहीं करना चाहिए। इंस्टॉल करने से पहले ऐप का नाम और डेवलपर की जानकारी जांचना जरूरी है। यानी प्रक्रिया आसान हो सकती है, लेकिन सुविधा के चक्कर में गलत APK डाउनलोड करना भारी पड़ सकता है। सरकारी डिजिटल सेवाओं के लिए पंचायती राज मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी और लिंक को प्राथमिकता देना सुरक्षित तरीका है।

अपने एंड्रायड स्मार्टफोन पर मेरी पंचायत ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां टैप करें।
असली बदलाव तब, जब ग्रामीण खुद पंचायत का हिसाब देखें
‘मेरी पंचायत’ में सोशल ऑडिट, फंड उपयोग, शिकायत से जुड़ी सुविधाओं के साथ विकास कार्यों की समीक्षा और रेटिंग जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। नागरिक नए विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव और अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकते हैं। ऐप को 12 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। इसका लक्ष्य करीब 2.65 लाख ग्राम पंचायतों, 25 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों और लगभग 95 करोड़ ग्रामीण आबादी तक डिजिटल पंचायत व्यवस्था की पहुंच बनाना है।
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