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Panchayat Darpan

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आदिवासी छात्रों की उच्च शिक्षा को सहारा, NFST के तहत पांच साल में मिली 3,750 फेलोशिप

अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए चल रही National Fellowship Scheme for Scheduled Tribes (NFST) के तहत पिछले पांच वर्षों में कुल 3,750 फेलोशिप दी गई हैं। योजना के तहत हर साल 750 नए छात्रों को फेलोशिप दी जाती है। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने गुरुवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।

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हर साल 750 छात्रों का होता है चयन

NFST केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, इसलिए इसमें राज्यवार बजट आवंटन का प्रावधान नहीं है। फेलोशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल सामान्यतः शैक्षणिक वर्ष में 1 जुलाई से 30 सितंबर तक खुलता है। आवेदन की जांच के बाद मंत्रालय की वेबसाइट पर 750 चयनित उम्मीदवारों की मेरिट सूची जारी की जाती है। इसके बाद ज्वाइनिंग रिपोर्ट, बैंक खाते की लिंकिंग और कंटिन्यूएशन सर्टिफिकेट जैसी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने तथा बजट उपलब्ध होने पर फेलोशिप राशि जारी की जाती है।

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तीन साल में 676 छात्रों ने पूरा किया शोध

पिछले तीन वित्त वर्षों में 676 छात्रों ने अपना शोध या पाठ्यक्रम पूरा किया। आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में 294, 2024-25 में 156 और 2025-26 में 226 छात्रों ने शोध पूरा किया। योजना के तहत प्रत्येक वर्ष दी जाने वाली 750 फेलोशिप की अवधि पांच वर्ष तक है। मंत्रालय के अनुसार हर साल 750 नए छात्रों को लगातार समर्थन मिलने से उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल रही है।

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शिकायतों का औसत सात दिन में निपटारा

फेलोशिप और अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़ी शिकायतें CPGRAMS/PG Portal के जरिए प्राप्त की जाती हैं। 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 के बीच छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित 1,680 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि कुल 1,681 शिकायतों का निपटारा किया गया। इन शिकायतों के निपटारे में औसतन सात दिन का समय लगा। पश्चिम बंगाल में NFST के तहत पिछले पांच वर्षों में जिलावार और वर्षवार फेलोशिप वितरण तथा संस्थानों और पाठ्यक्रमों से जुड़ी जानकारी भी सरकार ने उपलब्ध कराई है। यह जानकारी लोकसभा में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने लिखित उत्तर में दी।

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