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Panchayat Darpan

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बायर की ‘डायरेक्टएकर्स’, के तहत दो लाख एकड़ जमीन हुई कवर, धान की उन्नत खेती को मिलेगा बढ़ावा

कृषि प्रौद्योगिकी कंपनी बायर (Bayer) ने भारत में अपनी ‘डायरेक्टएकर्स’ (DirectAcres) पहल के तहत 81,000 हेक्टेयर (2,00,000 एकड़ से अधिक) कृषि भूमि को कवर करते हुए एक नया मील का पत्थर हासिल किया है । यह पहल देश में जल-संरक्षण और कुशल धान खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

मुख्य बिंदु और लाभ

पारंपरिक रोपाई की चुनौतियों का समाधान: भारत में धान की पारंपरिक तकनीक से खेती करने पर पानी की भारी खपत, मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत जैसी समस्याएं आ रही हैं। इसके समाधान के रूप में सीधे बीजारोपित धान (Direct Seeded Rice – DSR) तकनीक को अपनाया जा रहा है ।

संसाधनों की भारी बचत: पारंपरिक रोपाई की तुलना में DSR तकनीक से पानी की खपत में 30% से 40% की कमी, ग्रीनहाउस गैसों (GHG) के उत्सर्जन में 45% तक की गिरावट और श्रम/मजदूरी की लागत में 50% तक की बचत होती है ।

 

एकीकृत कृषि सहायता: बायर किसानों को केवल बीज नहीं, बल्कि उन्नत किस्म के बीज, फसल सुरक्षा (Crop Protection), डिजिटल फार्मिंग समाधान और मशीनीकरण का पूरा ढांचा एक साथ उपलब्ध कराता है।

तेज विकास की समय-सीमा: वर्ष 2021 में पायलट के रूप में शुरू हुआ यह कार्यक्रम 2023 में 3,500 हेक्टेयर से बढ़कर 2024 में 17,000 हेक्टेयर, 2025 में 46,000 हेक्टेयर और 2026 में 81,000 हेक्टेयर (2 लाख एकड़ से अधिक) तक पहुंच गया है ।

व्यापक भौगोलिक विस्तार: यह पहल मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है ।

नेतृत्व का दृष्टिकोण: बायर क्रॉप साइंस (भारत, बांग्लादेश व श्रीलंका) के प्रमुख सिमोन वीबुश (Simon Wiebusch) के अनुसार, यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही तकनीक और सेवाओं के साथ DSR तकनीक को अलग-अलग मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में बड़े पैमाने पर अपनाया जा सकता है ।

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