पंकज राय
बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे मौसमी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना है। इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने पर इसका नाम ‘अर्नब’ (ARNAB) होगा। इस चक्रवाती तूफान के कारण किसानों को खेती से संबंधित सलाह दी जा रही है । खास कर उन किसानों के लिए जो आलू की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं।
27 से 30 अक्तूबर तक खराब रहेगा मौसम
इस अवधि में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात तथा तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका भी हो सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और चक्रवाती सिस्टम का वास्तविक प्रभाव इसकी दिशा एवं गति पर निर्भर करेगा।
यह भी पढ़ेंः भारतीय कृषि, अनुसंधान और एग्री-टेक क्षेत्र में बढ़ रहा महिलाओं का दबदबा, पढ़ें यह रिपोर्ट

किसानों के लिए विशेष सावधानी
झारखंड में इस समय धान की कटाई, रबी फसलों की बुआई तथा सब्जियों की खेती का काम चल रहा है। संभावित मौसम परिवर्तन को देखते हुए किसान भाई-बहन निम्नलिखित सावधानियाँ बरतें:
- खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें, ताकि बारिश से जलभराव न हो।
- आलू, सरसों, चना, गेहूँ एवं अन्य रबी फसलों की बुआई स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर करें।
- कटी हुई धान की फसल, खलिहान में रखे अनाज तथा कृषि उपज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें।
- सब्जियों की फसलों, नर्सरी और खेतों में रखे कृषि उपकरणों को संभावित नुकसान से बचाने की तैयारी करें।
- तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- गरज-चमक एवं वज्रपात के दौरान खुले खेतों, ऊँचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
आम नागरिकों से अपील: मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें। अनावश्यक रूप से खराब मौसम में यात्रा करने से बचें तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
2 thoughts on “झारखंडः चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का अलर्ट, पढ़ें आलू किसानों के लिए सलाह”
Comments are closed.