जिला खनन पदाधिकारी द्वारा जारी पत्रांक संख्या-242,दिनांक 17/03/26 के पत्र के अनुसार, झारखंड सैंड माइनिंग रूल्स, 2025 के तहत अब कैटेगरी-1 के बालू घाटों से बालू को अन्य पंचायतों में आपूर्ति करने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन कार्यों के लिए है जिनका उद्देश्य गैर-व्यावसायिक है। यानी,अगर आप सरकारी या निजी निर्माण कार्य के लिए बालू का उपयोग कर रहे हैं और उसका उद्देश्य व्यावसायिक बिक्री नहीं है, तो आप बेझिझक बालू ले जा सकते हैं।
निर्माण कार्यों में आएगी तेजी
इस निर्णय से जिले के विभिन्न पंचायतों में अटके हुए विकास कार्यों और निजी निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।प्रशासन ने अधिक जानकारी के लिए संबंधित झारखंड सैंड माइनिंग रूल्स, 2025 की प्रति को भी संलग्न किया है ताकि नियमों को लेकर कोई भ्रम न रहे और इस प्रकार से जिस नदियों से चलान की व्यवस्था की गई हो तथा चलान रहने पर अब स्थानीय पुलिस प्रशासन वहनों की धर- पकड़ की स्थिति नहीं रहेगी। खनन विभाग के पत्र के आलोक के अनुसार निजी प्राइवेट कंपनियों में बालू सप्लाई करने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा करवाई की जा सकती है। एनजीटी लागू होने की वजह से 15 अक्टूबर तक पंचायती चालान निर्गत स्थगित किया गया था। जिससे अब पुनः शुरू किया जा रहा है।