धनबाद के टुंडी और गिरिडीह के पीरटांड़ की सीमा पर पिछले करीब 36 घंटे से डेरा डाले जंगली हाथियों के झुंड ने सोमवार रात एक सहायक अध्यापक की जान ले ली। टुंडी के मनियाडीह थाना क्षेत्र की जांताखूंटी पंचायत के गुलियाडीह गांव निवासी सहायक अध्यापक गिरजा मुर्मू (46) को हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला। बताया गया कि करीब 35 हाथियों का झुंड अपने नन्हे बच्चों के साथ बराकर नदी पार कर पीरटांड़ थाना क्षेत्र की ओर जाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, नदी में पानी अधिक होने के कारण हाथियों का झुंड करीब 36 घंटे तक नदी के आसपास ही रुका रहा। इसी दौरान सोमवार की रात हाथियों का झुंड गुलियाडीह गांव में गिरजा मुर्मू और उनके भाई किनु मुर्मू के घर की बाड़ी में घुस गया और वहां लगी मक्का की फसल खाने लगा। ग्रामीणों ने हाथियों को गांव से दूर भगाने का प्रयास किया, लेकिन झुंड वहां से नहीं हटा।
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टायर जलाकर भगाने की कोशिश, बच्चों के साथ झुंड वहीं रहा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीणों ने पहले टायर जलाकर उन्हें डराने और वहां से हटाने की कोशिश की। इसके बावजूद हाथियों के झुंड पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ। हाथी बाड़ी में लगी मक्का की फसल खाते रहे और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। इस दौरान झुंड के कुछ हाथी अपने बच्चों के साथ पीछे ही रुक गए। बताया जाता है कि गिरजा मुर्मू को लगा कि हाथियों का झुंड वहां से निकल चुका है। इसी धारणा के चलते वह घर के आसपास पहुंचे। लेकिन वहां हाथी अपने बच्चों के साथ मौजूद थे। जैसे ही वह उनके नजदीक पहुंचे, हाथियों ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें कुचल दिया। घटना के बाद परिजनों ने काफी देर तक उनकी खोजबीन की। अहले सुबह उनकी लाश मिलने के बाद गांव में मातम पसर गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी और तीन बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में भी घटना को लेकर भय और चिंता का माहौल है।
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पुलिस-वन विभाग के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलने के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि काफी देर तक मनियाडीह पुलिस और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों ने हाथियों के गांव के आसपास मौजूद होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी नहीं किए जाने को लेकर वन विभाग पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड पिछले कई घंटों से इलाके में मौजूद था और इसके बावजूद ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। घटना की जानकारी मिलने पर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने धनबाद के जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालिवार से फोन पर बात की। विधायक ने पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव होगा, वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे। हाथियों के झुंड के गांव के आसपास मौजूद रहने से क्षेत्र के लोगों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले इलाके से दूर किया जाए और प्रभावित परिवार को जल्द राहत उपलब्ध करायी जाए।