झारखंड में जल जीवन मिशन (हर घर नल-जल योजना) की रफ्तार राज्य के साथ बोकारो जिले में भी सुस्त है। वित्तीय वर्ष के शुरुआती छह महीनों में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में महज 37,943 नए कनेक्शन दिए जा सके हैं। बोकारो में 2,321 कनेक्शन का लक्ष्य था, जिसके मुकाबले सरकारी आंकड़ों में 1,431 की उपलब्धि दर्ज है। वहीं अप्रैल से सितंबर तक जिले में सिर्फ 115 नए कनेक्शन लगाए गए। अप्रैल में 23, मई में 21, जून में 14, जुलाई में 31, अगस्त में 14 और सितंबर में 12 कनेक्शन हुए। चास, चंदनकियारी, पेटरवार और जरीडीह के सुदूर गांवों में आज भी हजारों परिवार कुएं और चापाकल के पानी पर निर्भर हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य की रफ्तार राष्ट्रीय औसत से करीब 26 प्रतिशत पीछे है। इससे ग्रामीण आबादी तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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पाइपलाइन बिछी, पर घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार बोकारो में स्वीकृत ढांचागत योजनाओं के बावजूद क्रियान्वयन की गति काफी धीमी है। कई क्षेत्रों में मुख्य पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट या स्थानीय जलस्रोतों से समुचित जुड़ाव नहीं होने के कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। दूसरी ओर, चास में वर्ष 2019 में शुरू की गई करीब 150-156 करोड़ रुपए की जलापूर्ति फेज-2 योजना छह साल बाद भी अधूरी है। कई बार समय विस्तार मिलने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। अब नगर निगम प्रशासन ने एजेंसी को अगले आठ माह में हर हाल में काम पूरा करने का लक्ष्य दिया है। अप्रैल 2027 तक 20 हजार से अधिक नए कनेक्शनों में नियमित जलापूर्ति शुरू करने की तैयारी है। अभी करीब 33 किमी पाइपलाइन बिछाना बाकी है। ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी वायरिंग का काम भी अधूरा है। पुराने नेटवर्क में करीब 12 किमी पाइप बदले जाएंगे।
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फंड मिलने पर नए सिरे से होंगी योजनाएं
पुराने नेटवर्क से जुड़े कई उपभोक्ताओं ने नियमित पानी नहीं मिलने की शिकायत की है। ऐसे में निगम के सामने नई पाइपलाइन बिछाने के साथ पुराने नेटवर्क को दुरुस्त करने की चुनौती भी है। अधिकारियों के अनुसार दोनों काम समानांतर कराकर तय समय में योजना पूरी करने का प्रयास है। परम पदाधिकारी अनुज कुमार ने कहा कि उनके आने से पहले ही योजनाएं ली गई थीं और उनमें काम कराया गया है। आगे सरकार से फंड मिलने के बाद नए सिरे से योजनाएं ली जाएंगी। जहां जरूरत होगी, वहां पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर मुखिया और जल सहियाओं से जरूरत वाले क्षेत्रों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।