मांडर थाना क्षेत्र के टीको गांव में हुए रामू उरांव की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग को लेकर आदिवासी समाज एकजुट हो रहा है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार को सेवाडीह गांव में पड़हा समिति की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह फैसला लिया गया कि रामू उरांव की जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके कारण उनकी हत्या की गई, उस जमीन को दखल दिलाने के लिए पड़हा समिति पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए आगे आएगा।

पड़हा सुनाएगी अपना फैसला
पड़हा समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर पुलिस और कोर्ट जल्ज उस जमीन पर फैसला नहीं सुनाती है और पीड़ित परिवार को दखल नहीं दिलाती है तो समाज के लोग और पड़हा समिति मिलकर इस समस्या का समाधान करेगी और पीड़ित परिवार को जमीन दिलाने के साथ-साथ न्याय दिलाने का काम करेगा। पड़हा समिति ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए जल्द से जल्द मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए कहा है। साथ ही कहा कि जल्द ही इस मामले को लेकर अगली बैठक की जाएगी। समिति की बैठक में चुंद, बानापीड़ी, बरगड़ी औऱ ब्राम्बे के लोग शामिल थे। पड़हा समिति ने यह भी कहा कि समिति जहां तक संभव हो सके पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग भी करेगा।
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क्या है मामला
बता दें कि बुधवार शाम के समय टीको गांव में रामू उरांव की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वो मिल्क कलेक्शन सेंटर में दूध देने गए थे। हत्या का आरोप अडरा गांव के कारू सिंह पर है। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने एनएच 75 को शव के साथ जाम कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। हत्या के पीछे की वजह जमीन विवाद बताया जा रहा है।